खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला
Khairagarh-Chhuikhadan-Gandai District — Chhattisgarh
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के भूमि मामले
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में, कृषि भूमि का गैर-कृषि उपयोगों में परिवर्तन, विशेष रूप से शहरीकरण और औद्योगिक विस्तार के कारण, एक प्रमुख मुद्दा है। किसानों को अपनी उपजाऊ भूमि छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
वन भूमि का उपयोग और जनजातीय समुदायों के पारंपरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं। भूमि का सीमांकन और पट्टे का वितरण आवश्यक है।
कला और संस्कृति के लिए जाना जाता है
प्रमुख कृषि उत्पादक क्षेत्र
ऐतिहासिक महत्व
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में राजस्व सेवाएँ
नामांतरण
SLA: 45 दिन
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में जानें →बंटवारा
SLA: 90 दिन
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में जानें →सीमा विवाद
SLA: 120 दिन
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में जानें →अतिक्रमण
SLA: 60 दिन
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में जानें →खसरा सुधार
SLA: 30 दिन
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में जानें →वसीयत विवाद
SLA: 180 दिन
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में जानें →भूमि अधिग्रहण आपत्ति
SLA: 90 दिन
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में जानें →राजस्व वसूली
SLA: 30 दिन
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में जानें →खैरागढ़-छुईखदान-गंडई की महिलाओं के भूमि अधिकार
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 2005 के बाद बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबर हक है। अगर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में आपके परिवार ने आपका हक नकारा है — तो जानें आगे क्या करें।
👩 महिला अधिकार जानें →