खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में सीमा विवाद
दो ज़मीनों के बीच सीमा को लेकर विवाद — पटवारी सर्वेक्षण से निपटारा
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में विशेष जानकारी
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में 3 तहसीलें हैं। सीमा विवाद के आवेदन के लिए अपनी तहसील के तहसीलदार कार्यालय या नज़दीकी CSC केंद्र से संपर्क करें।
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में सामान्य भूमि समस्याएँ
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में सीमा विवाद के लिए दस्तावेज़
| दस्तावेज़ |
|---|
खसरा नक्शा (नक्शा-ब) दोनों ज़मीनों का |
B1 की नक़ल आपकी ज़मीन का अधिकार अभिलेख |
सीमा का विवरण (लिखित) विवाद किस बिंदु पर है |
गवाहों के नाम और पते जो सीमा के गवाह हों |
फोटो साक्ष्य अगर अतिक्रमण हो |
पहचान पत्र |
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में सीमा विवाद — चरण दर चरण
आवेदन दर्ज करें
सीमा विवाद की लिखित शिकायत तहसील में दर्ज करें।
दोनों पक्षों को नोटिस
तहसीलदार दूसरे पक्ष को नोटिस भेजेगा।
पटवारी सर्वेक्षण
पटवारी मौके पर जाकर सर्वेक्षण और रिपोर्ट देगा।
सुनवाई और गवाही
दोनों पक्ष और गवाह तहसीलदार के सामने अपना पक्ष रखें।
निर्णय
120 दिनों में तहसीलदार का सीमा-निर्धारण आदेश।
आवेदन दर्ज करें
सीमा विवाद की लिखित शिकायत तहसील में दर्ज करें।
दोनों पक्षों को नोटिस
तहसीलदार दूसरे पक्ष को नोटिस भेजेगा।
पटवारी सर्वेक्षण
पटवारी मौके पर जाकर सर्वेक्षण और रिपोर्ट देगा।
सुनवाई और गवाही
दोनों पक्ष और गवाह तहसीलदार के सामने अपना पक्ष रखें।
निर्णय
120 दिनों में तहसीलदार का सीमा-निर्धारण आदेश।
विस्तृत जानकारी
पटवारी खसरा नक्शे के अनुसार ज़मीन पर जाकर नापजोख करेगा और 'मेड़ रिपोर्ट' तैयार करेगा। इस रिपोर्ट में बताएगा कि वास्तविक सीमा कहाँ है।
पटवारी की नापजोख के दिन दोनों पक्षों का उपस्थित रहना ज़रूरी है। अनुपस्थिति पर एकतरफा रिपोर्ट बन सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
FIR के साथ तहसील में भी शिकायत दर्ज करें। यह अतिक्रमण भी हो सकता है (धारा 248)।
यह खसरा सुधार (धारा 115) का भी मामला हो सकता है। पटवारी से B1 और नक्शा दोनों मिलान करवाएँ।
सीमा विवाद (धारा 130) और अतिक्रमण (धारा 248) दोनों के तहत शिकायत हो सकती है।
अपील का अधिकार — खैरागढ़-छुईखदान-गंडई
तहसीलदार के आदेश से 30 दिनों में SDM → कलेक्टर → राजस्व मंडल।