मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला
Manendragarh-Chirmiri-Bharatpur District — Chhattisgarh
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भूमि मामले
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में, कोयला खनन प्रमुख भूमि उपयोग गतिविधि है, जिससे बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय क्षरण होता है। स्थानीय समुदायों के पारंपरिक भूमि अधिकारों का हनन एक गंभीर मुद्दा है।
वन भूमि का रूपांतरण और पुनर्वास की अपर्याप्त व्यवस्था से विस्थापित लोगों में असंतोष है। भूमि विवादों का समाधान एक सतत चुनौती है।
कोयला भंडार के लिए जाना जाता है
जनजातीय आबादी की उपस्थिति
औद्योगिक विकास
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में राजस्व सेवाएँ
नामांतरण
SLA: 45 दिन
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में जानें →बंटवारा
SLA: 90 दिन
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में जानें →सीमा विवाद
SLA: 120 दिन
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में जानें →अतिक्रमण
SLA: 60 दिन
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में जानें →खसरा सुधार
SLA: 30 दिन
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में जानें →वसीयत विवाद
SLA: 180 दिन
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में जानें →भूमि अधिग्रहण आपत्ति
SLA: 90 दिन
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में जानें →राजस्व वसूली
SLA: 30 दिन
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में जानें →मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर अनुसूचित क्षेत्र — विशेष सुरक्षा
इस जिले में 48.5% जनजातीय आबादी है। CG भू-राजस्व संहिता धारा 165(6) के तहत यहाँ की ज़मीन गैर-आदिवासी को बेचना प्रतिबंधित है। PESA कानून और वन अधिकार अधिनियम 2006 यहाँ लागू होते हैं।
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की महिलाओं के भूमि अधिकार
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 2005 के बाद बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबर हक है। अगर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में आपके परिवार ने आपका हक नकारा है — तो जानें आगे क्या करें।
👩 महिला अधिकार जानें →