कोरबा जिला
Korba District — Chhattisgarh
कोरबा जिले के भूमि मामले
कोरबा जिला, कोयला खदानों और बिजली संयंत्रों के कारण, भूमि अधिग्रहण का एक प्रमुख केंद्र रहा है। बड़े पैमाने पर औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि का अधिग्रहण स्थानीय समुदायों, विशेषकर जनजातीय आबादी के विस्थापन का कारण बना है।
भूमि अधिग्रहण के बाद उचित पुनर्वास और आजीविका के वैकल्पिक साधनों की कमी प्रमुख मुद्दे हैं। पर्यावरणीय क्षरण भी एक गंभीर चिंता का विषय है।
छत्तीसगढ़ का ऊर्जा केंद्र
प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्र
जनजातीय आबादी की बड़ी संख्या
कोरबा में राजस्व सेवाएँ
नामांतरण
SLA: 45 दिन
कोरबा में जानें →बंटवारा
SLA: 90 दिन
कोरबा में जानें →सीमा विवाद
SLA: 120 दिन
कोरबा में जानें →अतिक्रमण
SLA: 60 दिन
कोरबा में जानें →खसरा सुधार
SLA: 30 दिन
कोरबा में जानें →वसीयत विवाद
SLA: 180 दिन
कोरबा में जानें →भूमि अधिग्रहण आपत्ति
SLA: 90 दिन
कोरबा में जानें →राजस्व वसूली
SLA: 30 दिन
कोरबा में जानें →कोरबा अनुसूचित क्षेत्र — विशेष सुरक्षा
इस जिले में 35.5% जनजातीय आबादी है। CG भू-राजस्व संहिता धारा 165(6) के तहत यहाँ की ज़मीन गैर-आदिवासी को बेचना प्रतिबंधित है। PESA कानून और वन अधिकार अधिनियम 2006 यहाँ लागू होते हैं।
कोरबा की महिलाओं के भूमि अधिकार
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 2005 के बाद बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबर हक है। अगर कोरबा जिले में आपके परिवार ने आपका हक नकारा है — तो जानें आगे क्या करें।
👩 महिला अधिकार जानें →