मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में बंटवारा
साझी ज़मीन को अलग-अलग हिस्सों में बाँटना
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में विशेष जानकारी
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में 3 तहसीलें हैं। बंटवारा के आवेदन के लिए अपनी तहसील के तहसीलदार कार्यालय या नज़दीकी CSC केंद्र से संपर्क करें। यह जिला अनुसूचित क्षेत्र है — 48.5% जनजातीय आबादी के लिए विशेष PESA नियम लागू होते हैं।
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में सामान्य भूमि समस्याएँ
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में बंटवारा के लिए दस्तावेज़
| दस्तावेज़ |
|---|
खसरा/B1 की नक़ल साझी ज़मीन का |
सभी सह-मालिकों के नाम और पहचान पत्र |
आपसी सहमति पत्र अगर सभी राज़ी हों — प्रक्रिया तेज़ होगी |
पारिवारिक वंशावली / नक्शा-नसब उत्तराधिकार के मामले में |
नामांतरण की प्रति अगर पहले नामांतरण हुआ हो |
पासपोर्ट साइज़ फोटो (सभी आवेदकों की) |
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में बंटवारा — चरण दर चरण
आवेदन दर्ज करें
तहसील में बंटवारे का आवेदन दर्ज करें।
सभी पक्षों को नोटिस
तहसीलदार सभी सह-मालिकों को नोटिस भेजेगा।
मौके पर नापजोख
पटवारी ज़मीन पर जाकर नापजोख और रिपोर्ट देगा।
सुनवाई
सभी पक्षों की सुनवाई तहसीलदार करेंगे।
बंटवारा आदेश
90 दिनों में बंटवारे का आदेश और हर हिस्से का अलग खसरा।
आवेदन दर्ज करें
तहसील में बंटवारे का आवेदन दर्ज करें।
सभी पक्षों को नोटिस
तहसीलदार सभी सह-मालिकों को नोटिस भेजेगा।
मौके पर नापजोख
पटवारी ज़मीन पर जाकर नापजोख और रिपोर्ट देगा।
सुनवाई
सभी पक्षों की सुनवाई तहसीलदार करेंगे।
बंटवारा आदेश
90 दिनों में बंटवारे का आदेश और हर हिस्से का अलग खसरा।
विस्तृत जानकारी
यदि सभी सह-मालिक राज़ी हों और लिखित सहमति पत्र दें तो तहसीलदार बिना विवाद जल्दी आदेश दे सकते हैं।
यदि कोई एक भी सह-मालिक विरोध करे तो तहसीलदार दोनों पक्षों को सुनेगा, पटवारी से जाँच करवाएगा और न्यायपूर्ण बंटवारे का आदेश देगा।
भूमि का रकबा (क्षेत्रफल) प्रत्येक सह-मालिक के हिस्से के अनुपात में बाँटा जाता है। पटवारी नापजोख रिपोर्ट आधार बनती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आप फिर भी आवेदन कर सकते हैं। तहसीलदार नोटिस देकर दोनों पक्षों को सुनेगा और कानूनी आधार पर न्यायपूर्ण बंटवारे का आदेश देगा।
प्रत्येक हिस्से के लिए अलग खसरा नंबर जारी होगा। हर मालिक का नाम अपने हिस्से पर दर्ज होगा। इसके बाद सब अपनी ज़मीन स्वतंत्र रूप से बेच/बाँट सकते हैं।
पटवारी नापजोख रिपोर्ट में प्रत्येक हिस्से की सीमाएँ और रकबा स्पष्ट होगा। तहसीलदार का आदेश इसकी पुष्टि करेगा।
कृषि भूमि का बंटवारा CG भू-राजस्व संहिता के तहत। आवासीय प्लॉट के लिए नगर पालिका नियम भी लागू हो सकते हैं — तहसील से पूछें।
नाबालिग के हिस्से के लिए उसके कानूनी अभिभावक (guardian) की सहमति और न्यायालय की अनुमति आवश्यक हो सकती है।
अपील का अधिकार — मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर
तहसीलदार के बंटवारा आदेश से 30 दिनों में SDM → कलेक्टर → राजस्व मंडल में अपील।