नारायणपुर जिला
Narayanpur District — Chhattisgarh
नारायणपुर जिले के भूमि मामले
नारायणपुर जिला, अपनी जनजातीय आबादी और वन संपदा के कारण, भूमि अधिकारों और वन संरक्षण के मुद्दों का सामना करता है। विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण स्थानीय समुदायों के विरोध का कारण बनता है।
भूमि का सीमांकन, वन पट्टों का वितरण और पारंपरिक भूमि उपयोग पैटर्न का संरक्षण प्रमुख चिंताएँ हैं। नक्सलवाद का प्रभाव भी भूमि प्रशासन को जटिल बनाता है।
घने जंगल और प्राकृतिक सौंदर्य
समृद्ध जनजातीय संस्कृति
नक्सल प्रभावित क्षेत्र
नारायणपुर में राजस्व सेवाएँ
नामांतरण
SLA: 45 दिन
नारायणपुर में जानें →बंटवारा
SLA: 90 दिन
नारायणपुर में जानें →सीमा विवाद
SLA: 120 दिन
नारायणपुर में जानें →अतिक्रमण
SLA: 60 दिन
नारायणपुर में जानें →खसरा सुधार
SLA: 30 दिन
नारायणपुर में जानें →वसीयत विवाद
SLA: 180 दिन
नारायणपुर में जानें →भूमि अधिग्रहण आपत्ति
SLA: 90 दिन
नारायणपुर में जानें →राजस्व वसूली
SLA: 30 दिन
नारायणपुर में जानें →नारायणपुर अनुसूचित क्षेत्र — विशेष सुरक्षा
इस जिले में 78.9% जनजातीय आबादी है। CG भू-राजस्व संहिता धारा 165(6) के तहत यहाँ की ज़मीन गैर-आदिवासी को बेचना प्रतिबंधित है। PESA कानून और वन अधिकार अधिनियम 2006 यहाँ लागू होते हैं।
नारायणपुर की महिलाओं के भूमि अधिकार
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 2005 के बाद बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबर हक है। अगर नारायणपुर जिले में आपके परिवार ने आपका हक नकारा है — तो जानें आगे क्या करें।
👩 महिला अधिकार जानें →