📐 बंटवारा
Partition
बंटवारा
साझी ज़मीन को अलग-अलग हिस्सों में बाँटना
बंटवारा क्या है?
जब एक ही ज़मीन के कई सह-मालिक हों (भाई-बहन, चाचा-भतीजा, संयुक्त परिवार) और वे अपना हिस्सा अलग करवाना चाहें — तो बंटवारे का आवेदन किया जाता है। बंटवारा आपसी सहमति से (जल्दी) या तहसीलदार के आदेश से (यदि कोई सहमत न हो) हो सकता है।
कौन आवेदन कर सकता है?
- ✓साझी ज़मीन के किसी भी सह-मालिक (co-sharer)
- ✓उत्तराधिकार में साझा भूमि पाने वाले वारिस
- ✓सभी सह-मालिक मिलकर आपसी सहमति से
आवश्यक दस्तावेज़
| दस्तावेज़ |
|---|
📄खसरा/B1 की नक़ल साझी ज़मीन का |
📄सभी सह-मालिकों के नाम और पहचान पत्र |
📄आपसी सहमति पत्र अगर सभी राज़ी हों — प्रक्रिया तेज़ होगी |
📄पारिवारिक वंशावली / नक्शा-नसब उत्तराधिकार के मामले में |
📄नामांतरण की प्रति अगर पहले नामांतरण हुआ हो |
📄पासपोर्ट साइज़ फोटो (सभी आवेदकों की) |
💡 मूल दस्तावेज़ के साथ 2 स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी साथ लाएँ।
पूरी प्रक्रिया — चरण दर चरण
आवेदन दर्ज करें
तहसील में बंटवारे का आवेदन दर्ज करें।
सभी पक्षों को नोटिस
तहसीलदार सभी सह-मालिकों को नोटिस भेजेगा।
मौके पर नापजोख
पटवारी ज़मीन पर जाकर नापजोख और रिपोर्ट देगा।
सुनवाई
सभी पक्षों की सुनवाई तहसीलदार करेंगे।
बंटवारा आदेश
90 दिनों में बंटवारे का आदेश और हर हिस्से का अलग खसरा।
आवेदन दर्ज करें
तहसील में बंटवारे का आवेदन दर्ज करें।
सभी पक्षों को नोटिस
तहसीलदार सभी सह-मालिकों को नोटिस भेजेगा।
मौके पर नापजोख
पटवारी ज़मीन पर जाकर नापजोख और रिपोर्ट देगा।
सुनवाई
सभी पक्षों की सुनवाई तहसीलदार करेंगे।
बंटवारा आदेश
90 दिनों में बंटवारे का आदेश और हर हिस्से का अलग खसरा।
विस्तृत जानकारी
यदि सभी सह-मालिक राज़ी हों और लिखित सहमति पत्र दें तो तहसीलदार बिना विवाद जल्दी आदेश दे सकते हैं।
यदि कोई एक भी सह-मालिक विरोध करे तो तहसीलदार दोनों पक्षों को सुनेगा, पटवारी से जाँच करवाएगा और न्यायपूर्ण बंटवारे का आदेश देगा।
भूमि का रकबा (क्षेत्रफल) प्रत्येक सह-मालिक के हिस्से के अनुपात में बाँटा जाता है। पटवारी नापजोख रिपोर्ट आधार बनती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आप फिर भी आवेदन कर सकते हैं। तहसीलदार नोटिस देकर दोनों पक्षों को सुनेगा और कानूनी आधार पर न्यायपूर्ण बंटवारे का आदेश देगा।
प्रत्येक हिस्से के लिए अलग खसरा नंबर जारी होगा। हर मालिक का नाम अपने हिस्से पर दर्ज होगा। इसके बाद सब अपनी ज़मीन स्वतंत्र रूप से बेच/बाँट सकते हैं।
पटवारी नापजोख रिपोर्ट में प्रत्येक हिस्से की सीमाएँ और रकबा स्पष्ट होगा। तहसीलदार का आदेश इसकी पुष्टि करेगा।
कृषि भूमि का बंटवारा CG भू-राजस्व संहिता के तहत। आवासीय प्लॉट के लिए नगर पालिका नियम भी लागू हो सकते हैं — तहसील से पूछें।
नाबालिग के हिस्से के लिए उसके कानूनी अभिभावक (guardian) की सहमति और न्यायालय की अनुमति आवश्यक हो सकती है।
देरी हो रही है? यहाँ शिकायत करें
90 दिन पूरे होने पर SDM को लिखित शिकायत
कलेक्टर कार्यालय
janshikayat.cgstate.gov.in
आदेश से असंतुष्ट हैं? अपील का अधिकार
तहसीलदार के बंटवारा आदेश से 30 दिनों में SDM → कलेक्टर → राजस्व मंडल में अपील।
महत्वपूर्ण सुझाव
आपसी सहमति पत्र बनाएँ — प्रक्रिया तेज़ होगी।
पटवारी की नापजोख में उपस्थित रहें।
अपने हिस्से की सीमाएँ स्पष्ट तय करें — बाद में विवाद से बचें।
अपने बंटवारा मामले की स्थिति जानें
प्रकरण क्रमांक (RC/X/YYYY/XXXX) से तुरंत स्थिति जाँचें