गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में अतिक्रमण
किसी ने आपकी या सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा किया? तुरंत करें शिकायत
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में विशेष जानकारी
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 3 तहसीलें हैं। अतिक्रमण के आवेदन के लिए अपनी तहसील के तहसीलदार कार्यालय या नज़दीकी CSC केंद्र से संपर्क करें। यह जिला अनुसूचित क्षेत्र है — 42.5% जनजातीय आबादी के लिए विशेष PESA नियम लागू होते हैं।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में सामान्य भूमि समस्याएँ
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में अतिक्रमण के लिए दस्तावेज़
| दस्तावेज़ |
|---|
भूमि दस्तावेज़ (B1/खसरा) आपकी ज़मीन का प्रमाण |
अतिक्रमण का विस्तृत विवरण कहाँ, कब, किसने |
फोटो/वीडियो साक्ष्य तारीख और समय के साथ — बहुत महत्वपूर्ण |
गवाहों के नाम और पते |
पहचान पत्र |
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में अतिक्रमण — चरण दर चरण
साक्ष्य एकत्र करें
फोटो/वीडियो लें — तारीख और समय सहित।
शिकायत दर्ज करें
तहसील में लिखित शिकायत — सभी विवरण के साथ।
पटवारी जाँच
पटवारी मौके पर जाकर जाँच और रिपोर्ट देगा।
नोटिस और सुनवाई
अतिक्रमणकारी को नोटिस। दोनों पक्षों की सुनवाई।
निष्कासन आदेश
60 दिनों में अतिक्रमण हटाने का आदेश।
साक्ष्य एकत्र करें
फोटो/वीडियो लें — तारीख और समय सहित।
शिकायत दर्ज करें
तहसील में लिखित शिकायत — सभी विवरण के साथ।
पटवारी जाँच
पटवारी मौके पर जाकर जाँच और रिपोर्ट देगा।
नोटिस और सुनवाई
अतिक्रमणकारी को नोटिस। दोनों पक्षों की सुनवाई।
निष्कासन आदेश
60 दिनों में अतिक्रमण हटाने का आदेश।
विस्तृत जानकारी
पुराना अतिक्रमण हटाना मुश्किल हो जाता है। जैसे ही कब्ज़ा हो — तुरंत शिकायत करें।
तारीख और स्थान के साथ फोटो/वीडियो, गवाहों के नाम — यह साक्ष्य आपका सबसे बड़ा हथियार है।
अगर अतिक्रमणकारी धमकी दे रहा हो या हिंसा का डर हो तो पुलिस में FIR भी दर्ज करें — दोनों साथ चलें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ग्राम पंचायत और तहसील — दोनों में शिकायत करें। सरकारी रास्ता (गली/राह) की सुरक्षा ग्राम पंचायत की भी ज़िम्मेदारी है।
SDM स्तर पर मामला जाएगा। पक्की निर्माण हटाने का आदेश भी दिया जाता है — जितनी जल्दी शिकायत उतना अच्छा।
नहीं। खुद हटाने से आप पर केस हो सकता है। कानूनी रास्ता ही सही है।
SDM को लिखें। कलेक्टर कार्यालय और janshikayat.cgstate.gov.in पर भी शिकायत करें।
अपील का अधिकार — गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
तहसीलदार के आदेश से 30 दिनों में SDM → कलेक्टर → राजस्व मंडल।