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📄 वसीयत विवाद

Will Dispute

⏱ SLA: 180 दिनधारा 162 — CG भू-राजस्व संहितातहसीलदार

वसीयत विवाद

मृत व्यक्ति की वसीयत की वैधता या उत्तराधिकार को लेकर विवाद

उत्तराधिकारी जिसे वसीयत में उचित हिस्सा न मिला होवह व्यक्ति जिसके पास पंजीकृत वसीयत हैपारिवारिक सदस्य जो वसीयत की वैधता पर प्रश्न उठाना चाहें

वसीयत विवाद क्या है?

जब किसी मृत व्यक्ति की वसीयत (Will) पर विवाद हो — जैसे वसीयत नकली हो, या उत्तराधिकारियों में से किसी को छोड़ा गया हो — तो यह मामला तहसीलदार के सामने दर्ज होता है। जटिल मामले सिविल न्यायालय में भी जा सकते हैं।

कौन आवेदन कर सकता है?

  • उत्तराधिकारी जिसे वसीयत में उचित हिस्सा न मिला हो
  • वह व्यक्ति जिसके पास पंजीकृत वसीयत है
  • पारिवारिक सदस्य जो वसीयत की वैधता पर प्रश्न उठाना चाहें

आवश्यक दस्तावेज़

दस्तावेज़
📄वसीयत की प्रति (Registered Will)

पंजीयन कार्यालय से

📄मृत्यु प्रमाण पत्र
📄उत्तराधिकारियों की सूची और पहचान पत्र
📄खसरा/B1 — संपत्ति का विवरण
📄पारिवारिक वंशावली
📄साक्षियों की जानकारी

💡 मूल दस्तावेज़ के साथ 2 स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी साथ लाएँ।

पूरी प्रक्रिया — चरण दर चरण

01

याचिका दर्ज करें

वसीयत विवाद की याचिका तहसीलदार के सामने दर्ज।

02

नोटिस

सभी उत्तराधिकारियों को नोटिस।

03

साक्ष्य प्रस्तुत करें

दस्तावेज़ी और गवाह साक्ष्य।

04

सुनवाई

दोनों पक्षों की विस्तृत सुनवाई।

05

निर्णय

180 दिनों में आदेश।

विस्तृत जानकारी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देरी हो रही है? यहाँ शिकायत करें

180 दिन बाद SDM को लिखित शिकायत

सिविल न्यायालय में दीवानी वाद

आदेश से असंतुष्ट हैं? अपील का अधिकार

तहसीलदार के आदेश से 30 दिनों में SDM → कलेक्टर → राजस्व मंडल। जटिल मामलों में सिविल कोर्ट।

महत्वपूर्ण सुझाव

पंजीकृत वसीयत बनवाएँ — भविष्य में विवाद कम होगा।

वकील की सलाह ज़रूर लें।

सभी उत्तराधिकारियों के नाम स्पष्ट रखें।

अपने वसीयत विवाद मामले की स्थिति जानें

प्रकरण क्रमांक (RC/X/YYYY/XXXX) से तुरंत स्थिति जाँचें