बंटवारा — परिवार में ज़मीन का हिस्सा कैसे लें?
27 मई 2026 · 6 मिनट पढ़ें
📐 बंटवारा क्या होता है?
जब एक ही ज़मीन कई लोगों की साझी हो (जैसे भाई-बहन, चाचा-भतीजा) और वे उसे अलग-अलग नाम से दर्ज करवाना चाहें — इसे बंटवारा कहते हैं।
बंटवारा आपसी सहमति से हो सकता है (जल्दी) या तहसीलदार के आदेश से (अगर कोई सहमत न हो)।
📂 ज़रूरी दस्तावेज़
- खसरा/B1 की नक़ल
- परिवार के सभी सदस्यों के नाम और पहचान पत्र
- आपसी सहमति पत्र (अगर सभी राज़ी हों)
- पहचान पत्र (आधार/मतदाता पहचान)
🔄 बंटवारे की प्रक्रिया
आवेदन
तहसील में बंटवारे का आवेदन दर्ज करें।
नोटिस
सभी सह-मालिकों को तहसीलदार नोटिस भेजेगा।
मौके पर जाँच
पटवारी ज़मीन पर जाकर नापजोख करेगा।
सुनवाई
सभी पक्षों की सुनवाई तहसीलदार करेंगे।
बंटवारा आदेश
90 दिनों में बंटवारा आदेश और नया खसरा।
आवेदन
तहसील में बंटवारे का आवेदन दर्ज करें।
नोटिस
सभी सह-मालिकों को तहसीलदार नोटिस भेजेगा।
मौके पर जाँच
पटवारी ज़मीन पर जाकर नापजोख करेगा।
सुनवाई
सभी पक्षों की सुनवाई तहसीलदार करेंगे।
बंटवारा आदेश
90 दिनों में बंटवारा आदेश और नया खसरा।
❓ अगर कोई सहमत न हो?
कोई भाई/बहन/चाचा सहमत न हो तो भी आप आवेदन कर सकते हैं। तहसीलदार सभी को नोटिस देकर सुनवाई करेगा और साक्ष्य के आधार पर न्यायपूर्ण बंटवारे का आदेश देगा। SLA — 90 दिन।