तलाकशुदा महिला के अधिकार
तलाक के बाद संपत्ति और भरण-पोषण के अधिकार
तलाकशुदा महिला के अधिकार — विस्तार से जानें
यह खंड तलाकशुदा महिलाओं के संपत्ति और भरण-पोषण के अधिकारों पर केंद्रित है।
तलाक के बाद भी महिलाओं को अपने गुजारे और संपत्ति में अधिकार प्राप्त करने का कानूनी हक है।
यहां जानें कि आप अपने अधिकारों का दावा कैसे कर सकती हैं।
आपकी रक्षा करने वाले कानून
तलाक के बाद संपत्ति की वापसी का अधिकार।
भरण-पोषण का अधिकार।
निवास का अधिकार और अन्य सुरक्षा।
अगर आपके अधिकार का उल्लंघन हो — क्या करें?
तलाक का प्रमाण पत्र
तलाक की डिग्री प्राप्त करें।
भरण-पोषण का दावा
पूर्व-पति से भरण-पोषण के लिए आवेदन करें।
निवास का अधिकार
अपने निवास के अधिकार का दावा करें।
संपत्ति का दावा
विवाह के दौरान अर्जित संपत्ति में अपने हिस्से का दावा करें।
अधिकारों की प्राप्ति
अपने कानूनी अधिकारों को प्राप्त करें।
तलाक का प्रमाण पत्र
तलाक की डिग्री प्राप्त करें।
भरण-पोषण का दावा
पूर्व-पति से भरण-पोषण के लिए आवेदन करें।
निवास का अधिकार
अपने निवास के अधिकार का दावा करें।
संपत्ति का दावा
विवाह के दौरान अर्जित संपत्ति में अपने हिस्से का दावा करें।
अधिकारों की प्राप्ति
अपने कानूनी अधिकारों को प्राप्त करें।
विस्तृत जानकारी
तलाक के बाद महिला को गुजारा भत्ता (भरण-पोषण) पाने का अधिकार है।
विवाह के दौरान संयुक्त रूप से अर्जित संपत्ति में महिला का हिस्सा होता है।
बच्चों के भरण-पोषण का उत्तरदायित्व भी पिता का होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हाँ, धारा 125 CrPC के तहत, महिला को अपने और बच्चों के भरण-पोषण का अधिकार है।
हाँ, यदि संपत्ति संयुक्त रूप से अर्जित की गई है या कानून के अनुसार उसका हिस्सा बनता है।
घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत, महिला को अपने पूर्व-पति के निवास स्थान पर रहने का अधिकार है।
आप मजिस्ट्रेट कोर्ट में धारा 125 CrPC के तहत आवेदन कर सकती हैं।
हाँ, तलाक के बाद महिला अपना पूर्व-विवाह का नाम वापस अपना सकती है।
कोई सुन नहीं रहा? यहाँ शिकायत करें
पारिवारिक न्यायालय
जिला न्यायालय
उच्च न्यायालय
सर्वोच्च न्यायालय
ज़रूरी सुझाव
तलाक के कागजात सुरक्षित रखें।
भरण-पोषण और संपत्ति के दावों के लिए तुरंत वकील से मिलें।
अपने बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता दें।
मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत रहें।