मुख्य सामग्री पर जाएँ
महिला भूमि अधिकार
👩 महिला भूमि अधिकार

महिला हब

आपकी ज़मीन, आपका अधिकार: महिलाओं के लिए भूमि अधिकार सूचना केंद्र

सभी अविवाहित महिलाएँसभी विवाहित महिलाएँविधवा महिलाएँतलाकशुदा महिलाएँ

महिला हब — विस्तार से जानें

यह खंड विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की महिलाओं को उनकी ज़मीन और संपत्ति से जुड़े अधिकारों के बारे में सूचित करने के लिए बनाया गया है।

यहां आपको उत्तराधिकार, स्वामित्व, और अन्य महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं की जानकारी सरल भाषा में मिलेगी।

हमारा उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें उनके संपत्ति अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।

आपकी रक्षा करने वाले कानून

हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 (संशोधन 2005)§6

यह कानून बेटियों को पैतृक संपत्ति में पुत्रों के समान अधिकार देता है।

हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956§14

यह कानून महिलाओं को अपनी अर्जित या विरासत में मिली संपत्ति पर पूर्ण स्वामित्व का अधिकार देता है।

छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959प्रासंगिक धाराएं

यह संहिता भूमि के स्वामित्व, हस्तांतरण और प्रबंधन से संबंधित नियमों को परिभाषित करती है, जिसमें महिलाओं के अधिकार भी शामिल हैं।

अगर आपके अधिकार का उल्लंघन हो — क्या करें?

01

जानकारी प्राप्त करें

अपने अधिकारों को समझने के लिए उपलब्ध सामग्री पढ़ें।

02

आवश्यक दस्तावेज़

अपने मामले से संबंधित आवश्यक कागजात इकट्ठा करें।

03

आवेदन करें

संबंधित सरकारी कार्यालय में आवेदन जमा करें।

04

सुनवाई में भाग लें

यदि आवश्यक हो, तो सुनवाई के लिए उपस्थित हों।

05

अधिकार प्राप्त करें

अपने भूमि अधिकार सफलतापूर्वक प्राप्त करें।

विस्तृत जानकारी

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कोई सुन नहीं रहा? यहाँ शिकायत करें

तहसीलदार

जिलाधीश

राजस्व मंडल

उच्च न्यायालय

ज़रूरी सुझाव

अपने संपत्ति के कागजात सुरक्षित रखें।

किसी भी लेन-देन से पहले कानूनी सलाह लें।

अपने अधिकारों के बारे में जागरूक रहें।

धैर्य रखें, प्रक्रिया में समय लग सकता है।